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Sixteenth Loksabha

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Title: The Speaker made reference  to the tragic incident of terrorist attack on Parliament House on 13th  December 2001.

 

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण, अत्यंत वेदना के साथ हम उस दुःखद घटना का स्मरण करते हैं, जब 13 दिसंबर 2001 को हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के गौरव, भारत की संसद को एक आतंकवादी हमले का निशाना बनाया गया था।

          इस कायरतापूर्ण हमने को संसद परिसर की रक्षा में तैनात हमारे सतर्क एवं वीर सुरक्षा बलों ने असफल कर दिया था। दिल्ली पुलिस के पांच सुरक्षाकर्मी सर्वश्री नानकचंद, रामपाल, ओमप्रकाश, बिजेन्द्र सिंह और घनश्याम, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला कांस्टेबल श्रीमती कमलेश कुमारी और संसद सुरक्षा सेवा के दो सुरक्षा सहायक श्री जगदीश प्रसाद यादव और श्री मातबर सिंह नेगी इस हमले का बहादुरी से सामना करते हुए शहीद हो गए थे। इस आतंकवादी हमले में एक कार्मिक श्री देशराज भी शहीद हो गए थे।

          यह सभा उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने 13 दिसम्बर 2001 को आतंकवादी हमले के दौरान संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी तथा उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती है।

          इस अवसर पर, आइए हम आतंकवाद के इस अभिशाप से निपटने के लिए नए सिरे से प्रयास करने के अपने संकल्प को दोहराएं और अपनी मातृभूमि की एकता, अखण्डता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए अपनी वचनबद्धता को पुनः दृढ़ता से व्यक्त करें।

          अब यह सभा दिवंगत आत्माओं के सम्मान में कुछ देर के लिए मौन रहेगी।

11.05 hours

(The Members then stood in silence for a short while.)

 

 


 

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : क्वेश्चन ऑवर।

…(व्यवधान)

HON. SPEAKER: I will allow you also.

… (Interruptions)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे (गुलबर्गा) : मैडम स्पीकर...(व्यवधान)

डॉ. संजय जायसवाल (पश्चिम चम्पारण) : महोदया, राष्ट्रपति जी ने कल विरोधियों पर बहुत तल्ख टिप्पणी की है।...(व्यवधान)

HON. SPEAKER: If you all do something like this, then I will have to start the Question Hour.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : यह क्या हो रहा है?

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप सभी एक साथ बोलेंगे तो मुझे कुछ समझ में नहीं आयेगा।

…(व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : मैडम स्पीकर, मेरी प्रार्थना है कि...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : मैं किसकी बात सुनूँ?

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : मैं इनकी बात भी सुनूँगी और आपकी बात भी सुनूँगी, लेकिन सभी एक साथ बोलेंगे तो मैं किसी की भी बात नहीं सुन पाऊँगी।

…(व्यवधान)

श्री प्रहलाद सिंह पटेल (दमोह) : आपने सदन को हाइजैक कर लिया है।...(व्यवधान) अब राष्ट्रपति जी के कहने पर आप शान्त हुए हैं।...(व्यवधान) आपने 15 दिन खराब कर दिए।...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : मैं किसी की भी बात नहीं सुन पा रही हूँ।

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : कृपया, आप सभी शान्त हो जाइए। I am sorry.

 

…(व्यवधान)

HON. SPEAKER: Please do not do this.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 11.30 a.m.

 

11.07 hours

The Lok Sabha then adjourned till Thirty Minutes

past Eleven of the Clock.

 

 

 

 


 

 

 


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Title: The Speaker made reference  to the tragic incident of terrorist attack on Parliament House on 13th  December 2001.

 

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्यगण, अत्यंत वेदना के साथ हम उस दुःखद घटना का स्मरण करते हैं, जब 13 दिसंबर 2001 को हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के गौरव, भारत की संसद को एक आतंकवादी हमले का निशाना बनाया गया था।

          इस कायरतापूर्ण हमने को संसद परिसर की रक्षा में तैनात हमारे सतर्क एवं वीर सुरक्षा बलों ने असफल कर दिया था। दिल्ली पुलिस के पांच सुरक्षाकर्मी सर्वश्री नानकचंद, रामपाल, ओमप्रकाश, बिजेन्द्र सिंह और घनश्याम, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला कांस्टेबल श्रीमती कमलेश कुमारी और संसद सुरक्षा सेवा के दो सुरक्षा सहायक श्री जगदीश प्रसाद यादव और श्री मातबर सिंह नेगी इस हमले का बहादुरी से सामना करते हुए शहीद हो गए थे। इस आतंकवादी हमले में एक कार्मिक श्री देशराज भी शहीद हो गए थे।

          यह सभा उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने 13 दिसम्बर 2001 को आतंकवादी हमले के दौरान संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी तथा उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती है।

          इस अवसर पर, आइए हम आतंकवाद के इस अभिशाप से निपटने के लिए नए सिरे से प्रयास करने के अपने संकल्प को दोहराएं और अपनी मातृभूमि की एकता, अखण्डता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए अपनी वचनबद्धता को पुनः दृढ़ता से व्यक्त करें।

          अब यह सभा दिवंगत आत्माओं के सम्मान में कुछ देर के लिए मौन रहेगी।

11.05 hours

(The Members then stood in silence for a short while.)

 

 


 

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : क्वेश्चन ऑवर।

…(व्यवधान)

HON. SPEAKER: I will allow you also.

… (Interruptions)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे (गुलबर्गा) : मैडम स्पीकर...(व्यवधान)

डॉ. संजय जायसवाल (पश्चिम चम्पारण) : महोदया, राष्ट्रपति जी ने कल विरोधियों पर बहुत तल्ख टिप्पणी की है।...(व्यवधान)

HON. SPEAKER: If you all do something like this, then I will have to start the Question Hour.

… (Interruptions)

माननीय अध्यक्ष : यह क्या हो रहा है?

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : आप सभी एक साथ बोलेंगे तो मुझे कुछ समझ में नहीं आयेगा।

…(व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे : मैडम स्पीकर, मेरी प्रार्थना है कि...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : मैं किसकी बात सुनूँ?

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : मैं इनकी बात भी सुनूँगी और आपकी बात भी सुनूँगी, लेकिन सभी एक साथ बोलेंगे तो मैं किसी की भी बात नहीं सुन पाऊँगी।

…(व्यवधान)

श्री प्रहलाद सिंह पटेल (दमोह) : आपने सदन को हाइजैक कर लिया है।...(व्यवधान) अब राष्ट्रपति जी के कहने पर आप शान्त हुए हैं।...(व्यवधान) आपने 15 दिन खराब कर दिए।...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : मैं किसी की भी बात नहीं सुन पा रही हूँ।

…(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : कृपया, आप सभी शान्त हो जाइए। I am sorry.

 

…(व्यवधान)

HON. SPEAKER: Please do not do this.

… (Interruptions)

HON. SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 11.30 a.m.

 

11.07 hours

The Lok Sabha then adjourned till Thirty Minutes

past Eleven of the Clock.

 

 

 

 


 

 

 


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