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Sixteenth Loksabha

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Title: Regarding the video recording of the proceedings in Courts of Law.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): माननीय उपाध्यक्ष जी, मैं ऐसा मुद्दा उठाने जा रहा हूं जो किसी एक पार्टी से संबंधित नहीं है, आम जनता से संबंधित है। क्या आज के समय में आम लोग, गरीब, किसान, दलित 11 लाख, 21 लाख या 10 लाख रुपए देकर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ सकते हैं? पार्लियामेंट की प्रोसीडिंग्स की रिकॉर्डिंग होती है, कैमरे में होती है।

          मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि  अदालतों की प्रोसीडिंग्स भी कैमरे के रिकॉर्ड में आनी चाहिए । इनकी वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए । इससे पेंडेंसी भी कम होगी, आम लोगों को न्याय मिलेगा और न्याय सस्ता भी होगा ।

          इसी से जुड़ी बात है, यथा समाज यानी जैसा समाज हो, उसी हिसाब से संस्था का निर्माण होना चाहिए । दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को आरक्षण उच्च न्यायपालिका, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में मिलना चाहिए तभी इनको न्याय मिल पाएगा ।

माननीय सभापति: श्री भैरों प्रसाद मिश्र को डॉ. उदित राज सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title: Regarding the video recording of the proceedings in Courts of Law.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): माननीय उपाध्यक्ष जी, मैं ऐसा मुद्दा उठाने जा रहा हूं जो किसी एक पार्टी से संबंधित नहीं है, आम जनता से संबंधित है। क्या आज के समय में आम लोग, गरीब, किसान, दलित 11 लाख, 21 लाख या 10 लाख रुपए देकर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ सकते हैं? पार्लियामेंट की प्रोसीडिंग्स की रिकॉर्डिंग होती है, कैमरे में होती है।

          मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि  अदालतों की प्रोसीडिंग्स भी कैमरे के रिकॉर्ड में आनी चाहिए । इनकी वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए । इससे पेंडेंसी भी कम होगी, आम लोगों को न्याय मिलेगा और न्याय सस्ता भी होगा ।

          इसी से जुड़ी बात है, यथा समाज यानी जैसा समाज हो, उसी हिसाब से संस्था का निर्माण होना चाहिए । दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को आरक्षण उच्च न्यायपालिका, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में मिलना चाहिए तभी इनको न्याय मिल पाएगा ।

माननीय सभापति: श्री भैरों प्रसाद मिश्र को डॉ. उदित राज सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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Title: Regarding the video recording of the proceedings in Courts of Law.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): माननीय उपाध्यक्ष जी, मैं ऐसा मुद्दा उठाने जा रहा हूं जो किसी एक पार्टी से संबंधित नहीं है, आम जनता से संबंधित है। क्या आज के समय में आम लोग, गरीब, किसान, दलित 11 लाख, 21 लाख या 10 लाख रुपए देकर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ सकते हैं? पार्लियामेंट की प्रोसीडिंग्स की रिकॉर्डिंग होती है, कैमरे में होती है।

          मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि  अदालतों की प्रोसीडिंग्स भी कैमरे के रिकॉर्ड में आनी चाहिए । इनकी वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए । इससे पेंडेंसी भी कम होगी, आम लोगों को न्याय मिलेगा और न्याय सस्ता भी होगा ।

          इसी से जुड़ी बात है, यथा समाज यानी जैसा समाज हो, उसी हिसाब से संस्था का निर्माण होना चाहिए । दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को आरक्षण उच्च न्यायपालिका, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में मिलना चाहिए तभी इनको न्याय मिल पाएगा ।

माननीय सभापति: श्री भैरों प्रसाद मिश्र को डॉ. उदित राज सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

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