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Sixteenth Loksabha

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Title: Demand to release Bhim Army Chief Chandrasekhar and release dalits kept in jail after dalit agitation.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): उपाध्यक्ष महोदय, मैं एक ऐसे विषय पर बोल रहा हूं, जिससे देश को सबसे ज्यादा क्षति होती है, लेकिन कभी उसका संज्ञान नहीं लिया जाता है।

जिस तरह से इस देश में जेंडर और कास्ट डिस्क्रिमिनेशन है, अगर हम उसको कैलकुलेट करें तो पता चलेगा कि उससे इकॉनमी पर कितना लॉस होता है और मानवाधिकार कितने प्रभावित होते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि  देश को सर्वाधिक नुकसान जातीय भेदभाव से होता है।

दो अप्रैल को पूरे देश में दलितों ने भारत बंद किया था। पहली बार ऐसा हुआ कि जब कोई आंदोलन किया गया हो तो सरकार की गोली से लोग कम मरे और जो तथाकथित सवर्ण हैं, उनकी गोलियों से ज्यादा मरे हैं। उदाहरण के तौर पर दो अप्रैल को दस लोगों की हत्या हुई थी या दस लोगों की मृत्यु हुई थी। उनमें आठ लोग गैर-सरकार के द्वारा या गैर-पुलिस के द्वारा मारे गए थे। यह पहला ऐसा आंदोलन है, इसलिए कि तथाकथित सवर्णों को यह लगा कि भारत बंद करने की इनकी इतनी हिम्मत कैसे हो गई। सुप्रीम कोर्ट का जो जजमेंट 20 मार्च को हुआ था, प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज़ एक्ट को जो एडवर्सली अफैक्ट करता है और एक्ट को खत्म करता है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट का जो दूसरा जजमेंट था, जो शिक्षण संस्थानों में रोस्टर पॉइंट्स बदले गए थे, उनको ले कर दलितों का गुस्सा फूटा हुआ था। आज दलितों में इस बात की भी तकलीफ सबसे ज्यादा है कि  जो जज श्री .के. गोयल, दोनों जजमेंट में रहे हैं, उनको एनजीटी का चेयरमैन बना दिया गया है, इसका बड़ा विरोध है। दो अप्रैल के बाद तमाम दलितों को जेल में डाल दिया गया है, कैथल में आठ लोग अभी भी जेल में बंद हैं, मेरठ में लगभग 150 लोग बंद हैं और उनमें बच्चे भी शामिल हैं, नाबालिग भी हैं। मेरा कहना है कि  जब अन्य समुदायों के लोग आंदोलन करते हैं तो इस तरह से उनके साथ अन्याय नहीं होता है। *   ने बड़ा अन्याय किया है कि  बार-बार डेट देते रहे, जिसकी वजह से उनकी जमानत नहीं हो पाई है तो हम आपके माध्यम से भारत सरकार और तमाम प्रदेशों की सरकारों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि  उन लोगों को रिहा किया जाए और उनका मुकदमा वापस किया जाए।

उपाध्यक्ष महोदय, भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर को कई महीनों से जेल में रखा गया है। उसकी हालत बिगड़ती जा रही है, जिसका लोगों में बड़ा रोष है। मैं मांग करता हॅूं कि  भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर को रिहा किया जाए।

HON. DEPUTY SPEAKER:

 

Shri Rabindra Kumar Jena  is permitted to associate with the issue raised by Dr. Udit Raj.

… (Interruptions)

HON. DEPUTY-SPEAKER:  Now, Shri Jitendra Chaudhury.

Law and order is a State subject.  You should avoid making allegations.

 

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Title: Demand to release Bhim Army Chief Chandrasekhar and release dalits kept in jail after dalit agitation.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): उपाध्यक्ष महोदय, मैं एक ऐसे विषय पर बोल रहा हूं, जिससे देश को सबसे ज्यादा क्षति होती है, लेकिन कभी उसका संज्ञान नहीं लिया जाता है।

जिस तरह से इस देश में जेंडर और कास्ट डिस्क्रिमिनेशन है, अगर हम उसको कैलकुलेट करें तो पता चलेगा कि उससे इकॉनमी पर कितना लॉस होता है और मानवाधिकार कितने प्रभावित होते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि  देश को सर्वाधिक नुकसान जातीय भेदभाव से होता है।

दो अप्रैल को पूरे देश में दलितों ने भारत बंद किया था। पहली बार ऐसा हुआ कि जब कोई आंदोलन किया गया हो तो सरकार की गोली से लोग कम मरे और जो तथाकथित सवर्ण हैं, उनकी गोलियों से ज्यादा मरे हैं। उदाहरण के तौर पर दो अप्रैल को दस लोगों की हत्या हुई थी या दस लोगों की मृत्यु हुई थी। उनमें आठ लोग गैर-सरकार के द्वारा या गैर-पुलिस के द्वारा मारे गए थे। यह पहला ऐसा आंदोलन है, इसलिए कि तथाकथित सवर्णों को यह लगा कि भारत बंद करने की इनकी इतनी हिम्मत कैसे हो गई। सुप्रीम कोर्ट का जो जजमेंट 20 मार्च को हुआ था, प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज़ एक्ट को जो एडवर्सली अफैक्ट करता है और एक्ट को खत्म करता है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट का जो दूसरा जजमेंट था, जो शिक्षण संस्थानों में रोस्टर पॉइंट्स बदले गए थे, उनको ले कर दलितों का गुस्सा फूटा हुआ था। आज दलितों में इस बात की भी तकलीफ सबसे ज्यादा है कि  जो जज श्री .के. गोयल, दोनों जजमेंट में रहे हैं, उनको एनजीटी का चेयरमैन बना दिया गया है, इसका बड़ा विरोध है। दो अप्रैल के बाद तमाम दलितों को जेल में डाल दिया गया है, कैथल में आठ लोग अभी भी जेल में बंद हैं, मेरठ में लगभग 150 लोग बंद हैं और उनमें बच्चे भी शामिल हैं, नाबालिग भी हैं। मेरा कहना है कि  जब अन्य समुदायों के लोग आंदोलन करते हैं तो इस तरह से उनके साथ अन्याय नहीं होता है। *   ने बड़ा अन्याय किया है कि  बार-बार डेट देते रहे, जिसकी वजह से उनकी जमानत नहीं हो पाई है तो हम आपके माध्यम से भारत सरकार और तमाम प्रदेशों की सरकारों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि  उन लोगों को रिहा किया जाए और उनका मुकदमा वापस किया जाए।

उपाध्यक्ष महोदय, भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर को कई महीनों से जेल में रखा गया है। उसकी हालत बिगड़ती जा रही है, जिसका लोगों में बड़ा रोष है। मैं मांग करता हॅूं कि  भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर को रिहा किया जाए।

HON. DEPUTY SPEAKER:

 

Shri Rabindra Kumar Jena  is permitted to associate with the issue raised by Dr. Udit Raj.

… (Interruptions)

HON. DEPUTY-SPEAKER:  Now, Shri Jitendra Chaudhury.

Law and order is a State subject.  You should avoid making allegations.

 

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Title: Demand to release Bhim Army Chief Chandrasekhar and release dalits kept in jail after dalit agitation.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली): उपाध्यक्ष महोदय, मैं एक ऐसे विषय पर बोल रहा हूं, जिससे देश को सबसे ज्यादा क्षति होती है, लेकिन कभी उसका संज्ञान नहीं लिया जाता है।

जिस तरह से इस देश में जेंडर और कास्ट डिस्क्रिमिनेशन है, अगर हम उसको कैलकुलेट करें तो पता चलेगा कि उससे इकॉनमी पर कितना लॉस होता है और मानवाधिकार कितने प्रभावित होते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि  देश को सर्वाधिक नुकसान जातीय भेदभाव से होता है।

दो अप्रैल को पूरे देश में दलितों ने भारत बंद किया था। पहली बार ऐसा हुआ कि जब कोई आंदोलन किया गया हो तो सरकार की गोली से लोग कम मरे और जो तथाकथित सवर्ण हैं, उनकी गोलियों से ज्यादा मरे हैं। उदाहरण के तौर पर दो अप्रैल को दस लोगों की हत्या हुई थी या दस लोगों की मृत्यु हुई थी। उनमें आठ लोग गैर-सरकार के द्वारा या गैर-पुलिस के द्वारा मारे गए थे। यह पहला ऐसा आंदोलन है, इसलिए कि तथाकथित सवर्णों को यह लगा कि भारत बंद करने की इनकी इतनी हिम्मत कैसे हो गई। सुप्रीम कोर्ट का जो जजमेंट 20 मार्च को हुआ था, प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज़ एक्ट को जो एडवर्सली अफैक्ट करता है और एक्ट को खत्म करता है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट का जो दूसरा जजमेंट था, जो शिक्षण संस्थानों में रोस्टर पॉइंट्स बदले गए थे, उनको ले कर दलितों का गुस्सा फूटा हुआ था। आज दलितों में इस बात की भी तकलीफ सबसे ज्यादा है कि  जो जज श्री .के. गोयल, दोनों जजमेंट में रहे हैं, उनको एनजीटी का चेयरमैन बना दिया गया है, इसका बड़ा विरोध है। दो अप्रैल के बाद तमाम दलितों को जेल में डाल दिया गया है, कैथल में आठ लोग अभी भी जेल में बंद हैं, मेरठ में लगभग 150 लोग बंद हैं और उनमें बच्चे भी शामिल हैं, नाबालिग भी हैं। मेरा कहना है कि  जब अन्य समुदायों के लोग आंदोलन करते हैं तो इस तरह से उनके साथ अन्याय नहीं होता है। *   ने बड़ा अन्याय किया है कि  बार-बार डेट देते रहे, जिसकी वजह से उनकी जमानत नहीं हो पाई है तो हम आपके माध्यम से भारत सरकार और तमाम प्रदेशों की सरकारों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि  उन लोगों को रिहा किया जाए और उनका मुकदमा वापस किया जाए।

उपाध्यक्ष महोदय, भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर को कई महीनों से जेल में रखा गया है। उसकी हालत बिगड़ती जा रही है, जिसका लोगों में बड़ा रोष है। मैं मांग करता हॅूं कि  भीम आर्मी के चीफ चन्द्रशेखर को रिहा किया जाए।

HON. DEPUTY SPEAKER:

 

Shri Rabindra Kumar Jena  is permitted to associate with the issue raised by Dr. Udit Raj.

… (Interruptions)

HON. DEPUTY-SPEAKER:  Now, Shri Jitendra Chaudhury.

Law and order is a State subject.  You should avoid making allegations.

 

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