Print

Sixteenth Loksabha

an>

Title: Need to shift landfilling site from Mukarba Chowk on National Highway in Delhi.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) :  माननीय अध्यक्ष जी, मेरे लोक सभा क्षेत्र में बादली एक विधान सभा है और मुकरबा चौक के पास भलसवा एक गांव है। वहां पर गंदगी का पहाड़ बन गया है। जो मलवा उठाया जाता है, उसे ट्रकों से डाला जाता है और 24 घंटे ट्रक वहां पर मलवा डालते रहते हैं। जो आसपास लोग रह रहे हैं, उनके लिए वहां रहने लायक स्थिति नहीं रह गई है। तमाम तरह की गैसेज निकलती है और वहां पर बदबू है। एक बार प्रयास किया गया था कि इसको एनर्जी में कंवर्ट कर दिया जाए। कलकत्ता बेस्ड कोई कंपनी थी, उसको ठेका भी दिया गया था लेकिन कंपनी मीट-आउट नहीं कर पाई। इस पर दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने ठेका खत्म कर दिया था। लेकिन दुर्भाग्य से दिल्ली पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने उनको परमिशन दे दी जिसके आधार  पर वे हाईकोर्ट चले गये हैं। चूंकि उनको 12 एकड़ जमीन का लालच  है। वहां  पर  परिस्थिति  इतनी भयावह हो चुकी है कि जो पहाड़ जैसा खत्ता बना हुआ है जिसको

सैनेट्री फिल लैंड भी कहते हैं कि या तो वहां पर इसकी प्रोसैसिंग शुरु कर दी जाए ताकि गंदगी खत्म हो जाए या बायोकोटिंग कर दी जाए।

           जहां तक सड़कों पर इसके इस्तेमाल करने की बात है, उसमें भी संभावनाएं कम है क्योंकि उससे सड़क दब सकती है। इसलिए मैं आपके माध्यम से शहरी विकास मंत्री और गृह मंत्री दोनों से अनुरोध करता हूं कि इसका जल्दी से जल्दी कुछ समाधान निकाला जाए।

माननीय अध्यक्ष :

 

  श्री भैरों प्रसाद मिश्र और

 

श्री कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को डॉ. उदित राज द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।  

 

an>

Title: Need to shift landfilling site from Mukarba Chowk on National Highway in Delhi.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) :  माननीय अध्यक्ष जी, मेरे लोक सभा क्षेत्र में बादली एक विधान सभा है और मुकरबा चौक के पास भलसवा एक गांव है। वहां पर गंदगी का पहाड़ बन गया है। जो मलवा उठाया जाता है, उसे ट्रकों से डाला जाता है और 24 घंटे ट्रक वहां पर मलवा डालते रहते हैं। जो आसपास लोग रह रहे हैं, उनके लिए वहां रहने लायक स्थिति नहीं रह गई है। तमाम तरह की गैसेज निकलती है और वहां पर बदबू है। एक बार प्रयास किया गया था कि इसको एनर्जी में कंवर्ट कर दिया जाए। कलकत्ता बेस्ड कोई कंपनी थी, उसको ठेका भी दिया गया था लेकिन कंपनी मीट-आउट नहीं कर पाई। इस पर दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने ठेका खत्म कर दिया था। लेकिन दुर्भाग्य से दिल्ली पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने उनको परमिशन दे दी जिसके आधार  पर वे हाईकोर्ट चले गये हैं। चूंकि उनको 12 एकड़ जमीन का लालच  है। वहां  पर  परिस्थिति  इतनी भयावह हो चुकी है कि जो पहाड़ जैसा खत्ता बना हुआ है जिसको

सैनेट्री फिल लैंड भी कहते हैं कि या तो वहां पर इसकी प्रोसैसिंग शुरु कर दी जाए ताकि गंदगी खत्म हो जाए या बायोकोटिंग कर दी जाए।

           जहां तक सड़कों पर इसके इस्तेमाल करने की बात है, उसमें भी संभावनाएं कम है क्योंकि उससे सड़क दब सकती है। इसलिए मैं आपके माध्यम से शहरी विकास मंत्री और गृह मंत्री दोनों से अनुरोध करता हूं कि इसका जल्दी से जल्दी कुछ समाधान निकाला जाए।

माननीय अध्यक्ष :

 

  श्री भैरों प्रसाद मिश्र और

 

श्री कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को डॉ. उदित राज द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।  

 

an>

Title: Need to shift landfilling site from Mukarba Chowk on National Highway in Delhi.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) :  माननीय अध्यक्ष जी, मेरे लोक सभा क्षेत्र में बादली एक विधान सभा है और मुकरबा चौक के पास भलसवा एक गांव है। वहां पर गंदगी का पहाड़ बन गया है। जो मलवा उठाया जाता है, उसे ट्रकों से डाला जाता है और 24 घंटे ट्रक वहां पर मलवा डालते रहते हैं। जो आसपास लोग रह रहे हैं, उनके लिए वहां रहने लायक स्थिति नहीं रह गई है। तमाम तरह की गैसेज निकलती है और वहां पर बदबू है। एक बार प्रयास किया गया था कि इसको एनर्जी में कंवर्ट कर दिया जाए। कलकत्ता बेस्ड कोई कंपनी थी, उसको ठेका भी दिया गया था लेकिन कंपनी मीट-आउट नहीं कर पाई। इस पर दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने ठेका खत्म कर दिया था। लेकिन दुर्भाग्य से दिल्ली पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने उनको परमिशन दे दी जिसके आधार  पर वे हाईकोर्ट चले गये हैं। चूंकि उनको 12 एकड़ जमीन का लालच  है। वहां  पर  परिस्थिति  इतनी भयावह हो चुकी है कि जो पहाड़ जैसा खत्ता बना हुआ है जिसको

सैनेट्री फिल लैंड भी कहते हैं कि या तो वहां पर इसकी प्रोसैसिंग शुरु कर दी जाए ताकि गंदगी खत्म हो जाए या बायोकोटिंग कर दी जाए।

           जहां तक सड़कों पर इसके इस्तेमाल करने की बात है, उसमें भी संभावनाएं कम है क्योंकि उससे सड़क दब सकती है। इसलिए मैं आपके माध्यम से शहरी विकास मंत्री और गृह मंत्री दोनों से अनुरोध करता हूं कि इसका जल्दी से जल्दी कुछ समाधान निकाला जाए।

माननीय अध्यक्ष :

 

  श्री भैरों प्रसाद मिश्र और

 

श्री कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को डॉ. उदित राज द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।  

 

an>

Title: Need to shift landfilling site from Mukarba Chowk on National Highway in Delhi.

डॉ. उदित राज (उत्तर-पश्चिम दिल्ली) :  माननीय अध्यक्ष जी, मेरे लोक सभा क्षेत्र में बादली एक विधान सभा है और मुकरबा चौक के पास भलसवा एक गांव है। वहां पर गंदगी का पहाड़ बन गया है। जो मलवा उठाया जाता है, उसे ट्रकों से डाला जाता है और 24 घंटे ट्रक वहां पर मलवा डालते रहते हैं। जो आसपास लोग रह रहे हैं, उनके लिए वहां रहने लायक स्थिति नहीं रह गई है। तमाम तरह की गैसेज निकलती है और वहां पर बदबू है। एक बार प्रयास किया गया था कि इसको एनर्जी में कंवर्ट कर दिया जाए। कलकत्ता बेस्ड कोई कंपनी थी, उसको ठेका भी दिया गया था लेकिन कंपनी मीट-आउट नहीं कर पाई। इस पर दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने ठेका खत्म कर दिया था। लेकिन दुर्भाग्य से दिल्ली पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने उनको परमिशन दे दी जिसके आधार  पर वे हाईकोर्ट चले गये हैं। चूंकि उनको 12 एकड़ जमीन का लालच  है। वहां  पर  परिस्थिति  इतनी भयावह हो चुकी है कि जो पहाड़ जैसा खत्ता बना हुआ है जिसको

सैनेट्री फिल लैंड भी कहते हैं कि या तो वहां पर इसकी प्रोसैसिंग शुरु कर दी जाए ताकि गंदगी खत्म हो जाए या बायोकोटिंग कर दी जाए।

           जहां तक सड़कों पर इसके इस्तेमाल करने की बात है, उसमें भी संभावनाएं कम है क्योंकि उससे सड़क दब सकती है। इसलिए मैं आपके माध्यम से शहरी विकास मंत्री और गृह मंत्री दोनों से अनुरोध करता हूं कि इसका जल्दी से जल्दी कुछ समाधान निकाला जाए।

माननीय अध्यक्ष :

 

  श्री भैरों प्रसाद मिश्र और

 

श्री कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को डॉ. उदित राज द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।  

 

Developed and Hosted by National Informatics Centre (NIC)
Content on this website is published, managed & maintained by Software Unit, Computer (HW & SW) Management. Branch, Lok Sabha Secretariat