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Title: Need to pass on the benefits to consumers due to fall in prices of fuel in international market

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे (गुलबर्गा) : मैडम स्पीकर, बी.जे.पी. की सरकार आने से पहले 01 मार्च, 2014 को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की क़ीमत लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल थी और पेट्रोल का दाम 71 रुपये प्रति लीटर था। अन्तरराऐट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें जून, 2014 से लगातार घटती रही हैं।...(व्यवधान) वऐाऩ 2016 में करीब 40 डॉलर प्रति बैरल तक यह गिरी। तब भी पेट्रोल की क़ीमत 65 रुपये प्रति लीटर थी। कल जब कच्चे तेल की क़ीमत पिछले दो सालों में सबसे ऊंची करीब 60 डॉलर प्रति बैरल थी, तब पेट्रोल का दाम 70 रुपये प्रति लीटर है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की क़ीमत आधी से भी कम होने के बावज़ूद की कंज्यूमर्स को कोई फायदा नहीं मिला और जमकर ये पैसे सरकारी खजाने में भर्ती हो रहे हैं।...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : किसी को भी चिल्लाने की आवश्यकता नहीं है, मैं सुन रही हूं।

(व्यवधान)

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे: हर साल लाखों-करोड़ों रुपये यह सरकार तेल कंपनियों से ले रही है। अक्टूबर, 2014 से सितम्बर, 2017 तक डीज़ल पर एक्साइज डय़ूटी 386औ ज्यादा हुई है और पेट्रोल पर 126औ बढ़ी है। इससे सरकार को कम से कम हर साल 1,62,000 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। अब तक 5,50,000 करोड़ रुपये सरकार अपने खजाने में डाल चुकी है। पर, लोगों को उसका कोई फायदा नहीं मिला है। वेलफेयर स्कीम्स को काटा गया है। एस.सी.पी., जो शेडय़ूल्ड कास्ट का सब-प्लान है, उसमें सिर्फ चार प्रतिशत रखा गया है। जहां उन्हें 22औ मिलना था, उसे भी काट दिया गया है। वेलफेयर स्कीम्स में और हर चीज़ में काटे गए हैं, लेकिन इतना पैसा मिलने के बावज़ूद भी सरकार को जो कंज्यूमर्स को बेनेफिट देना था, वह उसने नहीं दी है।

     कम से कम मैं उनसे पूछना चाहता हूं।

माननीय अध्यक्ष : पूछना नहीं, बताना कहिए।

श्री मल्लिकार्जुन खड़गे: किस-किस स्कीम्स में ये पैसे लगाए गए हैं और वेलफेयर स्कीम्स में से पैसे क्यों काटे गए हैं? इर्रीगेशन के लिए मिलने वाले पैसे में से पैसे क्यों काटे गए हैं? किसान को मिलने वाले एम.एस.पी. में बढ़ोतरी क्यों नहीं हो रही है? इसका जवाब वे दें।

माननीय अध्यक्ष : श्री रवीद्र कुमार जेना, एडवोकेट जोएस जॉर्ज, श्री एम.बी.राजेश, श्री जोस के. मणि, श्री मुल्लापल्ली रामचद्रन, श्री पी.के.िबजू, श्री धनंजय महाडीक एवं श्रीमती पी.के.श्रीमथि टीचर को श्री मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा उठाए गए विऐाय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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