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Title: Regarding Railway Catering Service.

श्री सुशील कुमार सिंह (औरंगाबाद) : अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से सदन का ध्यान भारतीय रेल में खान-पान सेवा में अभी जो कमियाँ हाल में उजागर हुई हैं, उनकी तरफ दिलाना चाहता हूँ।

          हमारे प्रधान मंत्री जी और रेल मंत्री जी दोनों की सोच है और दोनों की चाहत है कि रेलवे में खान-पान की व्यवस्था अच्छी हो, लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाए। अभी रेलवे और कैग  दोनों ने संयुक्त रूप से जांच की, जिसमें बहुत तरह की कमियाँ पाई गईं। जो भोजन था, उसमें कीड़े-मकौड़े थे और उनकी गुणवत्ता अच्छी नहीं थी। मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूँ कि कई ऐसी बड़ी कंपनियाँ हैं जिनमें एक ही परिवार के लोग हैं, जिनका पता भी एक है, और छः-छः केटरिंग के लाइसैंस उन्होंने ले रखे हैं और रेलवे में ठेका ले रखा है। पानी का जो निर्धारित मूल्य है और रेल नीर जैसे मानक वाला जो पानी परोसा जाना था, सप्लाई करना था, उसकी जगह पर वह दूसरे ब्रांड का पानी रेलवे के पैसेंजर्स को दे रहे थे। वह पकड़ा गया और उस पर सीबीआई की जाँच चल रही है। फिर भी ऐसे बड़े-बड़े कई लोगों ने नाम बदल-बदल कर ठेका ले रखा है। मैं कहना चाहता हूँ कि पहले जब सरकारी व्यवस्था थी तो ऐसी कमी नहीं होती थी। अब जब निजी लोगों को यह काम दे दिया गया है तो ऐसी कमियाँ और ऐसी गुणवत्ता में कमी रोज़ सामने आ रही है, जबकि हमारी सरकार की मंशा ऐसी नहीं है। ...(व्यवधान)

माननीय अध्यक्ष : इतना लंबा भा­षण नहीं देते हैं ज़ीरो आवर में। आप अपनी मांग रखें।

श्री सुशील कुमार सिंह : मैं चाहता हूँ कि इस पर सख्ती हो ताकि पैसेंजर्स को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता खाना रेलवे में मिल सके।

माननीय अध्यक्ष :   

 

श्री भैरों प्रसाद मिश्र,

 

कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल,

 

श्री रवीन्द्र कुमार जेना,

 

श्री किरिट पी. सोलंकी एवं

 

श्री नारणभाई काछड़िया को श्री सुशील कुमार सिंह द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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