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Title: Regarding wild animal menace in Rewa and other surrounding districts of Madhya Pradesh.

श्री जनार्दन मिश्र (रीवा) : महोदया, मध्य प्रदेश के विंध्य के इलाके में और उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड और महाकौशल के पूरे इलाके में किसान अपने अलाभकारी पशुओं को छोड़ देते हैं, जिससे एक-एक गाँव में करीब 200-300 आवारा पशु चर रहे हैं।...(व्यवधान) इससे खेती न­ष्ट हो रही है। किसानों ने खेत बोना छोड़ दिया है। ...(व्यवधान) इससे पूरी फसल न­ष्ट हो रही है।

          मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि या तो पालतू पशुओं की टैगिंग की जाये, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। दूसरा, ये आवारा पशु, जो फसलों का नुकसान कर रहे हैं, उसे फसल बीमा के अन्तर्गत लाया जाये, जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल सके। तीसरा, अगर ऐसा संभव हो तो गाँव-गाँव में, दो गाँवों में या दस गाँवों पर गौ अवेयर केन्द्र स्थापित किये जायें, जिससे किसानों की फसल न­ष्ट होने से बच सके और पशुओं का संरक्षण हो सके। धन्यवाद।

माननीय अध्यक्ष :

 

श्री भैरों प्रसाद मिश्र,

 

 डॉ. संजय जायसवाल,

 

श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा,

 

डॉ. वीरेन्द्र कुमार,

 

श्री आलोक संजर,

 

श्री सुधीर गुप्ता,

 

श्री चन्द्र प्रकाश जोशी,

 

श्री अर्जुन लाल मीणा,

 

श्री शरद त्रिपाठी और

 

कुँवर पुष्पेन्द्र सिंह चन्देल को श्री जनार्दन मिश्र द्वारा उठाए गए विषय के साथ संबद्ध करने की अनुमति प्रदान की जाती है।

 

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